Navratri Vrat Katha and Navratri Puja Vidhi in Hindi




Navratri Vrat Katha and Navratri Puja Vidhi in Hindi

नवरात्री व्रत कथा

नवरात्री के व्रत और पूजा को लेकर एक बहुत पुरानी कथा है जिसके अनुसार बहुत समय पहले एक नगर में एक ब्राहमण रहता है जो माता का बहुत ही परम भक्त था वह सुबह शाम माता की पूरी श्रद्धा से पूजा अर्चना किया करता था। उसकी एक पुत्री थी जिसका नाम सुमति था। वह अपने पिता की हर आज्ञा का पालन करती थी। उनके कहे अनुसार ही हर कार्य को किया करती थी। दोनों पिता पुत्री अपने अनुसार माता की पूजा करते थे। एक दिन सहेलियों के साथ खेल में सुमति माता की पूजा समय पर करना भूल गई जब वह घर वापस आई तो अपने पिता को क्रोध में पाया और उनसे अपनी गलती की माफ़ी भी मांगी लेकिन पिता ने क्रोध में कन्या को कड़वे वचन में बोला की वो उसकी शादी किसी कुष्ट रोगी व्यक्ति से कर देगा। इतना सुनकर सुमति बोली पिता की आज्ञा का वो पालन करेगी। ब्राहमण ने पुत्री की शादी ऐसे ही व्यक्ति से कर दी। शादी के बाद लड़की गरीब और कुष्ट पति के साथ वन में सो रही थी माता से उसकी यह दशा देखी ना गई और माता ने प्रसन्न होकर सुमति को दर्शन दिए और बोला की तू जो भी मांग ले में तुझे आज दूंगी। कन्या ने बोला ऐसा क्यों इतने में माता ने जवाब दिया की उसके पिछले जनम के करम अच्छे थे इसीलिए माता ने ऐसा बोला सुमति ने माता से प्रार्थना कि की वो उसके पति के रोग को दूर कर के उसे स्वस्थ कर दे। माता ने ऐसा ही किया और सुमति के पति को स्वस्थ कर दिया। यह कथा नवरात्री के व्रत में बहुत प्रसिद्ध और माना जाता है की सत्य भी है।

नवरात्री पूजा विधि

नवरात्री पूजा की विधि और व्रत बहुत ही आसान है आप कुछ आसान नियमो का पालन करके नवरात्री की पूजा कर सकते है। आज हम आपके लिए लाये है नवरात्री पूजा की कुछ विधि जिन्हें आप फॉलो करे और अपनी पूजा को बिना किसी बाधा के पूर्ण करे।

  1. नवरात्री पूजा के लिए सबसे पहले पहले नवरात्रे वाले दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान करे। इसके बाद अपने पूजा वाले स्थान को धो कर अच्छे से साफ कर ले।
  2. उसी जगह पर कलश में शुद्ध जल भर कर स्थान पर कलश की स्तापना करे। कलश पर आम के पत्ते भी रखे। इतना करने के बाद एक नारियल ले उसे लाल कपडे से लपेटे और मौली की मदद से उसे बांध दे।
  3. अब कलश के अंदर दो बादाम, दो सुपारी और एक सिक्का डाले और कलश के ऊपर नारियल को रख कर उसे ढक दे।
  4. नारियल को आम के पत्तो से ढक दे साथ ही धुप, घी का दिया जलाकर सभी देवियो का ध्यान करे और विधि पूर्वक उनकी पूजा अर्चना करे।
  5. नवरात्री में सुबह और शाम दोनों समय माता की आरती और पूजा की जाती है तो आप विधि पूर्वक सभी काम करे साथ ही दोनों समय माता का भोग भी लगाए।
  6. पूरे सात या आठ नवरात्री में रोजाना विधि पूर्वक माता का ध्यान और पूजा अर्चना करे आपके नवरात्री व्रत अच्छे से पूर्ण हो जाएंगे।

ऊपर दी गई नवरात्री की पूजा विधि का नियम से पालन करे आपके व्रत अच्छे से पूर्ण भी होंगे और आपको उनका फल भी जल्द से मिलेगा। इन व्रत का बहुत महत्व होता है तो इनमे किसी भी तरह की कोई लापरवाही ना करे और विधि पूर्वक पूजा करे।




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