HISTORY OF COMPUTER IN HINDI – कंप्यूटर का इतिहास, जनरेशन व सम्पूर्ण जानकारी




HISTORY OF COMPUTER IN HINDI - कंप्यूटर का इतिहास, जनरेशन व सम्पूर्ण जानकारी

आज के युग में कंप्यूटर एक ऐसा उपकरण बन गया है जिसके बिना हमारे सभी काम अधूरे होते है। सही मायनो में देखा जाये तो कंप्यूटर हमारी आज की सबसे खास जरुरत बन चूका है। इसके बिना हमारे बहुत से काम अधूरे रह जाते है जो हमारे लिए परेशानी का कारण बन जाते है। कंप्यूटर के बारे में आप सभी जानते है की यह एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो बहुत सारे पार्ट्स से मिलकर बना है। यह हमारा बहुत ही अच्छा मित्र है जो हमारे सभी कामो को आसान कर देता है और हमे चैन की साँस मिलती है। कंप्यूटर और इंटरनेट का महत्व आज की जनरेशन बहुत अच्छे से समझ सकती है।

कंप्यूटर का इतिहास:

कंप्यूटर का जन्म 1822 में चार्ल्स बैबेज के द्वारा किया गया था इसीलिए उन्हें आज फादर ऑफ़ कम्यूटर भी कहा जाता है। वो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने डिजिटल कंप्यूटर की शुरुवात की थी। बाद में इसमें समय के साथ काफी बदलाव हुए लेकिन शुरुवात का कारण वो ही थे। समय के साथ जब बदलाव होने लगे तो कंप्यूटर सिर्फ कंप्यूटर से कंप्यूटर जनरेशन में बदल गया। जिससे हम कंप्यूटर को उसकी जनरेशन के हिसाब से पहचानने लगे। कंप्यूटर जनरेशन को कुछ इस तरह बाटा गया था

1. पहली जनरेशन दुनिया में सबसे पहले एक भारी भरकम कंप्यूटर की शुरुवात हुई थी जो 1940-1956 तक चली थी। इस समय कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था। यह आकार में बड़े होते थे इसीलिए इन्हे संभाल कर रखना तो मुश्किल होता ही था साथ ही इसमें टूट फूट का खतरा भी बहुत रहता था। यह टयूब्स बहुत ही जल्दी गरम हो जाते थे और बहुत ही ज्यादा स्थान घेरते थे।

2. दूसरी जनरेशन इस समय में वैक्यूम टयूब की जगह ट्रांज़िस्टर का इस्तेमाल किया गया जो थोड़े हल्के होते थे। यह जनरेशन 1956-1963 तक चली थी। पहली जनरेशन की उपेक्षा ये थोड़े बहतर थे। ये गर्मी भी कम उत्पन करते थे साथ ही इनका आकार भी थोड़ा छोटा होता था जिससे इन्हे रखने में ज्यादा परेशानी नहीं होती थी।

3. तीसरी जनरेशन इस जनरेशन को 1964-1971 तक चलाया गया था। इसमें इंटीग्रेटेड सर्किट यानि की चिप का इस्तेमाल किया जाता था जो आकार में तो छोटा होता ही था साथ ही गति में भी बहुत बहतर था। इस जनरेशन की गति नैनो सेकंड और मिली सेकंड हो गई थी जो बाकि दो जनरेशन की अपेक्षा बहुत बहतर थी।

4. चौथी जनरेशन इस जनरेशन में माइक्रोप्रोसेसर आ गया था जो सबसे ही ज्यादा बेस्ट था। यह जनरेशन 1971-1985 तक चली थी। इस कंप्यूटर में VSLI का उपयोग करके हज़ारो ट्रांसिस्टर्स को एक साथ जोड़ा जाता था जिसकी वजह से कंप्यूटर की गति बहुत तेज़ हो गई थी। पर्सनल कंप्यूटर की शुरुवात इस जनरेशन से शुरू हो गई थी।

5. पांचवी जनरेशन यह जनरेशन आर्टिफीसियल इंटेलीजेंसी पर आधारित है। इसपर अभी भी कार्य चल रहा है। इस जनरेशन में रोबोट और अन्य मशीने अपने काम खुद करने में सक्षम होंगी। यह जनरेशन आने वाले भविष्य में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाएगी जो हमारे देश में भविष्य के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक होगी।




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